


रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दलों को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के शुरू होने से पहले से ही झामुमो (JMM) और कांग्रेस इसका विरोध कर रहे थे और अब सरकार के स्तर से इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष रूप से साहिबगंज, पाकुड़ और राजमहल क्षेत्रों की वोटर लिस्ट का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि इन इलाकों में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि झामुमो-कांग्रेस और कुछ सरकारी अधिकारी आपस में मिलकर मतदाता सूची से संदिग्ध नामों को हटने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि भाजपा जिन नामों को बांग्लादेशी नागरिकों से जोड़कर देख रही है, उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।
इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि कुछ सरकारी कर्मचारी निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय सत्तारूढ़ दल के पोलिंग एजेंट की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण और मदद पहुंचाने की बातें सामने आ रही हैं। भाजपा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह इस मुद्दे पर शांत नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ने पर इन सभी विषयों को आगे भी जोरदार ढंग से उठाएगी।





