झारखंड सरकार निवेश और रोजगार को रफ्तार देने के उद्देश्य से दो प्रमुख नीतियों को कर रही फिर से लॉन्च

झारखंड सरकार नई टेक्सटाइल और औद्योगिक निवेश नीतियां लॉन्च करेगी। लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 25 हजार से अधिक रोजगार है, साथ ही उद्योगों को कई सब्सिडी मिलेंगी।

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रांची: झारखंड सरकार राज्य में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से अपनी दो प्रमुख नीतियों झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति और झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति को फिर से लॉन्च करने जा रही है। पुरानी नीतियों की अवधि समाप्त होने के बाद तैयार किए गए इन नए मासौदों पर हितधारकों से सुझाव लिए गए हैं और अगले पखवाड़े तक इन्हें अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 25 हजार से अधिक लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ना है। इसके तहत एमएसएमई और बड़े उद्योगों के लिए विशेष सब्सिडी के प्रावधान किए जा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को स्थिर पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 15 करोड़ रुपये) और गैर-एमएसएमई इकाइयों को 25 प्रतिशत (अधिकतम 30 करोड़ रुपये) तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। योग्य इकाइयों को स्थिर पूंजी निवेश का 20 प्रतिशत (अधिकतम 50 करोड़ रुपये) की सब्सिडी मिलेगी, जबकि फुटवियर, तकनीकी वस्त्र और स्थानीय एससी/एसटी, महिला तथा दिव्यांग उद्यमियों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। बैंक ऋण पर भी 7 प्रतिशत प्रति वर्ष या ब्याज दर का 50 प्रतिशत सहायता 5 वर्षों के लिए दी जाएगी।

रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं को पुरुषों से 1,000 रुपये अधिक मासिक वेतन सब्सिडी मिलेगी, जिसके तहत पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये और महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह तय किए गए हैं। एससी/एसटी/दिव्यांग कर्मचारियों और Zone-3 (पिछड़े जिलों) में कार्यरत कर्मियों को 1,000 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि प्रति प्रशिक्षु 13,000 रुपये सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ईपीएफ/ईएसआई अंशदान की पूर्ति (1,000 रुपये प्रति व्यक्ति/माह), टेक्सटाइल पार्कों में डॉर्मिटरी निर्माण में भूमि सहायता, मंडी शुल्क में छूट और छात्रावास निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तक की मदद जैसे सामाजिक सुरक्षा के कदम शामिल हैं।

कर और बिजली में राहत के तहत शुरुआती सात वर्षों में 100 प्रतिशत एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, 5 वर्षों तक बिजली टैरिफ में 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, 5 वर्षों तक 100 प्रतिशत विद्युत कर प्रतिपूर्ति और स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क की पूरी वापसी की व्यवस्था की जा रही है। विशेष रूप से, इस नीति का ध्यान अब तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहे संथाल परगना क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर केंद्रित रहेगा, ताकि पूरे राज्य का संतुलित विकास हो सके।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।