


नयी दिल्ली: घर खरीदारों के संगठन एफपीसीई ने रियल एस्टेट क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले रेरा कानून को राज्यों में ठीक से लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि देशभर में करीब 27.6 लाख घर खरीदार आवासीय परियोजनाओं में देरी के कारण फंसे हुए हैं।





‘फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स’ (एफपीसीई) ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम (रेरा), 2016 के लागू होने के 10 साल पूरे होने पर जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट में नियामकीय नाकामी से घर खरीदारों को हो रहे नुकसान का उल्लेख किया गया है।
