रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने बिना किसी ठोस कारण के एक ही दिन में 2500 से अधिक नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है। इस मामले में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से समय पर जवाब दाखिल न किए जाने पर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और जवाब देने के लिए दो दिनों की मोहलत दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को सुबह 10:30 बजे होगी। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का यह रवैया करीब 2500 से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए जांच एजेंसी को इस मामले में लगातार बेहतर गति से काम करना चाहिए ताकि अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के मामले में की सुनवाई, सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल मामले में सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई, 2500 से अधिक नियुक्तियां रद्द करने पर सख्त टिप्पणी की और जवाब मांगा।

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