यरुशलम : यरुशलम में एक निर्माण स्थल पर क्रेन से उठाई जा रही टाइलें गिरने से एक भारतीय श्रमिक का बायां पैर कट गया।
राजस्थान के 36 वर्षीय श्रवण कुमार वर्मा का पिछले बुधवार को हादसे में बायां पैर कट गया था और हादसे के बाद उसका इलाज हदासा अस्पताल, ऐन केरेम में जारी है। मजदूर के अन्य भारतीय सहकर्मियों ने बताया कि क्रेन की बेल्ट हवा में टूट गयी, जिसके बाद टाइलें वर्मा पर गिर गईं और ‘‘निर्माण स्थल पर ही उसका पैर शरीर से अलग हो गया।’’
उनमें से एक ने बताया, ‘‘उसे घटनास्थल पर आपात उपचार दिया गया और इसके बाद बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।’’ सहकर्मियों ने बताया कि उसे शुरुआत में न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था, लेकिन ‘‘कुछ हद तक होश में आने और बोलने’’ के बाद मंगलवार को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्मा जिस कंपनी में काम करते हैं, वहां के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उनका “बीमा के तहत पूरी तरह से कवरेज है” और कंपनी बिटुआच लेउमी (राष्ट्रीय बीमा) को भी शामिल कर रही है “ताकि उन्हें सर्वोत्तम संभव देखभाल मिल सके”।
इस घटना के बाद इजराइल में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों के बीच कार्यस्थल की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की स्थिति में मुआवजे को लेकर चिंता बढ़ गई है। इजराइल स्थित भारतीय दूतावास ने अस्पताल में श्रमिक का हाल जानने के लिए अधिकारियों को भेजा। दूतावास ने कहा, ‘‘ हम यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं कि श्रमिक की उचित देखभाल हो।’’ इस बीच, फिलीपींस, थाईलैंड, श्रीलंका, फिजी, सिंगापुर, वियतनाम और नेपाल के राजदूतों तथा प्रतिनिधियों ने मंगलवार को फिलीपीन दूतावास में बैठक कर इजराइल में विदेशी श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
समूह ने सुरक्षा, मुआवजा, आपातकालीन पुनः प्रवेश वीजा और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं समेत विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। इजराइल में 40,000 से अधिक भारतीय श्रमिक हैं और देश में श्रमिकों की भारी कमी के बीच आने वाले समय में कई हजार और भारतीय श्रमिकों के पहुंचने की उम्मीद है।

