रांची: राजधानी में राजस्व संग्रहण से जुड़ी एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, अब रांची नगर निगम ने खुद ही राजस्व वसूली की कमान संभालने का निर्णय लिया है। इस सिलसिले में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में राजस्व शाखा की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्डवार राजस्व लक्ष्य निर्धारित करने, बकाया टैक्स की वसूली तेज करने और निगम के आंतरिक राजस्व को बढ़ाने को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और दिशा-निर्देश
एजेंसी का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी खुद ही पूरी पारदर्शिता और सक्रियता के साथ टैक्स कलेक्शन का काम संभालेंगे।
निर्देश दिए गए हैं कि हर माह प्रत्येक वार्ड के टॉप 500 बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया जाए और उनसे कड़ाई से बकाया टैक्स की वसूली सुनिश्चित की जाए।
आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर टैक्स भुगतान की सुविधा देने के लिए अक्टूबर महीने से हर वार्ड में राजस्व संग्रहण शिविर लगाए जाएंगे।
साथ ही लोगों को डिजिटल पेमेंट करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
नए भवनों और संरचनाओं के असेसमेंट (मूल्यांकन) व री-असेसमेंट के साथ-साथ ट्रेड लाइसेंस से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकारी जमीनों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के ट्रेड लाइसेंस की समीक्षा होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके अलावा निगम की दुकानों के बकाया किराए की वसूली के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनेगी।
नगर आयुक्त का संदेश
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने स्पष्ट किया कि रांची नगर निगम को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक राजस्व में वृद्धि करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यसंस्कृति में बदलाव लाते हुए जवाबदेही और परिणाम-आधारित दृष्टिकोण के साथ काम करने का निर्देश दिया है।


