हजारीबाग : संत कोलंबा महाविद्यालय के अनमोल डेम्टा सभागार में शुक्रवार को प्रोफेसर सोनाझरिया मिंज का आगमन हुआ। महाविद्यालय परिवार की ओर से उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रेव विमल रेवन ने की।
उन्होंने कहा कि प्रो. मिंज का महाविद्यालय में आगमन पूरे परिवार के लिए सम्मान की बात है। शिक्षा तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के विकास और विस्तार के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड उनके योगदान को नहीं भूल सकता।
इस अवसर पर डॉ. जमाल अहमद ने कहा कि प्रो. मिंज का जीवन यह संदेश देता है कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के ज्ञान और अनुभव को सम्मान देने का भी जरिया है।
मुख्य अतिथि प्रो. सोनाझरिया मिंज ने कहा कि संत कोलंबा महाविद्यालय आकर वह स्वयं को सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता इस महाविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और उनसे यहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा खेलकूद गतिविधियों के बारे में काफी कुछ सुना है।
उन्होंने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय और झारखंड सरकार को इस शैक्षणिक केंद्र के विकास और विस्तार के लिए पहल करनी चाहिए, ताकि महाविद्यालय अपने अतीत के गौरव को फिर हासिल कर सके।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. रेव जेआर दास ने कहा कि प्रो. मिंज की शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें यूनेस्को में देशज ज्ञान, अनुसंधान, शासन एवं परिवर्तनकारी मेल-मिलाप से जुड़े कार्य के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता कुमारी ने किया।
कार्यक्रम में विज्ञान के प्रभारी डॉ. पूरन साहू, डॉ. सबिता शीतल, डॉ. सोमक विश्वास, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. तुषार मोहंता, डॉ. खालिद इकबाल, डॉ. विनय सिंह, डॉ. उमाकांत सिंह, डॉ. दीप्ति बारला, डॉ. प्रियंका सहित शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


