शाहरुख खान की पुरानी फिल्मों को दोबारा देख चौंक गईं राधिका आप्टे, बोलीं- ‘महिला का ना कहना कभी ना नहीं माना गया’

Manu Shrivastava
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

बॉलीवुड एक्ट्रेस राधिका आप्टे ने फिल्मों में रोमांस और रिश्तों के बदलते चित्रण को लेकर खुलकर बात की है. राधिका शाहरुख खान की बड़ी फैन रही हैं और उन्होंने उनके कई पुराने फिल्मों को पसंद किया है. हालांकि, समय के साथ उन्हीं फिल्मों के कुछ सीन को दोबारा देखने पर उनका नजरिया काफी बदल गया.

शाहरुख की फिल्मों ने किया हैरान

राधिका ने बताया कि शाहरुख खान की कुछ पुरानी फिल्मों को दोबारा देखने के दौरान वह कई दृश्यों को देखकर काफी हैरान हुईं. उनके मुताबिक, उस दौर में जिन चीजों को पर्दे पर रोमांस के तौर पर पेश किया जाता था, आज उन्हें उसी नजर से देखना मुश्किल हो सकता है. खासतौर पर महिला की इच्छा और उसकी सहमति से जुड़े दृश्यों ने उनका ध्यान खींचा.

‘महिला का ना कहना कभी ना नहीं माना गया’

राधिका ने कहा कि पुराने दौर की फिल्मों में महिला के ‘ना’ को अक्सर स्पष्ट असहमति के तौर पर नहीं लिया जाता था. उन्होंने कहा, “जब एक महिला ना कहती है, तो उसे कभी ना नहीं माना जाता था… किसी महिला का पीछा करना रोमांस था.” एक्ट्रेस के मुताबिक, उस समय दर्शक भी इस तरह के चित्रण को रोमांटिक अंदाज में स्वीकार करते थे.

समय के साथ बदली दर्शकों की सोच

राधिका ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि समाज और दर्शकों की सोच बदलने के साथ फिल्मों को देखने का नजरिया भी बदला है. पहले जो सीन प्यार या रोमांस के तौर पर पसंद किए जाते थे, उनमें से कुछ आज असहज महसूस हो सकते हैं. खासकर जब उन्हें सहमति और व्यक्तिगत सीमाओं के नजरिए से देखा जाए.

बॉलीवुड के रोमांस पर फिर छिड़ी बहस

राधिका आप्टे की इस टिप्पणी ने फिल्मों में प्यार, सहमति और रिश्तों के चित्रण को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है. उनका बयान यह सवाल भी उठाता है कि बदलते सामाजिक नजरिए के साथ पुराने सिनेमा को किस तरह देखा जाना चाहिए. वहीं, शाहरुख खान की पुरानी फिल्मों को लेकर राधिका का अनुभव बताता है कि समय के साथ दर्शकों की संवेदनशीलता और सिनेमाई नजरिया भी काफी बदल चुका है.

Share This Article