‘चांदनी चौक टू चाइना’ का सीक्वल चाहते हैं Gen Z, निखिल आडवाणी बोले- ‘अक्षय कुमार को विशाल आलू से लड़ते देखा और…’

Manu Shrivastava
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निखिल आडवाणी की फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ को रिलीज के समय दर्शकों से वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला था, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. अब निर्देशक ने बताया है कि नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर नजरिया बदल रहा है. उनके मुताबिक, कई Gen Z दर्शक इस फिल्म का सीक्वल बनते देखना चाहते हैं.

चार साल के बच्चे अब मांग रहे सीक्वल

निखिल आडवाणी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जो लोग आज उनसे ‘चांदनी चौक टू चाइना’ का सीक्वल बनाने के लिए कह रहे हैं, उनमें से कई फिल्म रिलीज के समय सिर्फ चार साल के थे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उस उम्र में इन दर्शकों को फिल्म की कहानी या नैरेटिव स्ट्रक्चर से ज्यादा फर्क नहीं पड़ा होगा.

अक्षय कुमार और विशाल आलू का सीन याद

निखिल ने बताया कि नई पीढ़ी के दर्शकों ने फिल्म को अलग नजरिए से देखा. उनके मुताबिक, इन दर्शकों ने अक्षय कुमार को शेफ के किरदार में एक विशाल आलू से लड़ते हुए देखा और किसी तरह यह चीज उनके लिए काम कर गई. निर्देशक की यह टिप्पणी बताती है कि फिल्म के कुछ अजीबोगरीब और कॉमिक सीन्स अब सोशल मीडिया और नई पीढ़ी के बीच अलग तरह से याद किए जा रहे हैं.

अक्षय और दीपिका की जोड़ी

2009 में रिलीज हुई ‘चांदनी चौक टू चाइना’ में अक्षय कुमार के साथ दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी कॉमेडी, एक्शन और मार्शल आर्ट्स के मिश्रण के साथ पेश की गई थी. हालांकि, रिलीज के समय फिल्म को दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. अब वर्षों बाद फिल्म को लेकर नई पीढ़ी में उत्सुकता देखने को मिल रही है.

निखिल आडवाणी का बदला सफर

निखिल आडवाणी ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर करियर शुरू किया और 2003 में ‘कल हो ना हो’ से निर्देशन की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने ‘सलाम-ए-इश्क’ और ‘चांदनी चौक टू चाइना’ जैसी फिल्में बनाईं. बाद में उन्होंने OTT की दुनिया में भी पहचान बनाई और ‘मुंबई डायरीज’, ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ और ‘द रिवोल्यूशनरीज’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े. बतौर निर्माता भी उन्होंने ‘एयरलिफ्ट’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ जैसी फिल्मों के साथ काम किया है.

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