नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में छात्रा आकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में रखने के लिए अपने वेतन से पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने रूपम की याचिका पर नोटिस जारी किया और चौधरी की हिरासत को रद्द करने के उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक लगा दी।



