छात्रा की हिरासत के मामले में नोएडा की जिलाधिकारी के खिलाफ उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा छात्रा आकृति चौधरी की रासुका हिरासत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई और जिलाधिकारी मेधा रूपम की याचिका पर नोटिस जारी किया।

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में छात्रा आकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में रखने के लिए अपने वेतन से पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने रूपम की याचिका पर नोटिस जारी किया और चौधरी की हिरासत को रद्द करने के उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक लगा दी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।