शबरिमला प्रसाद बनाने वाली इकाई में एफएसएसएआई की ओर से बताई गई कमियों को दूर करेंगे: टीडीबी

शबरिमला प्रसाद उत्पादन इकाई में एफएसएसएआई निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, भंडारण और कीट नियंत्रण संबंधी कमियां मिलीं। टीडीबी ने केरल हाईकोर्ट को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया।

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कोच्चि: त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने केरल उच्च न्यायालय को बताया कि वह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा शबरिमला में प्रसाद बनाने वाली इकाई के निरीक्षण के दौरान पाई गई सफाई, स्वच्छता, कीट नियंत्रण एवं भंडारण संबंधी कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाएगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि जरूरी मानक धीरे-धीरे हासिल कर लिए जाएं। एफएसएसएआई के निरीक्षण में शबरिमला की प्रसाद उत्पादन इकाई में सफाई और स्वच्छता, कीट नियंत्रण तथा भंडारण व्यवस्था समेत अन्य कमियां पाई गई थीं।

एफएसएसएआई द्वारा इस साल अगस्त में प्रतिष्ठान के दो निरीक्षणों के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि प्रसाद उत्पादन इकाई को अधिकतम 182 में से 91 अंक मिले और परिणाम को ‘‘अनुपालन नहीं’’ (नॉन-कम्प्लायंस) के रूप में दर्ज किया गया। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा कि आकलन में सुधारात्मक कार्रवाई और उसके बाद सत्यापन की जरूरत वाले विशेष क्षेत्रों की पहचान की गई है।

पीठ ने कहा, ‘‘यह बताया गया है कि निरीक्षण के दौरान एफएसएसएआई ने उन क्षेत्रों की पहचान की, जहां आगे सुधार और सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत थी। इनमें विशेष रूप से परिसर, रखरखाव और डिजाइन, कीट नियंत्रण, भंडारण व्यवस्था, सफाई और स्वच्छता, उपकरणों का रखरखाव, दस्तावेज और रिकॉर्ड रखने, खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा ऑडिट संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं।’’ उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘जहां तक साफ-सफाई व्यवस्था और भंडारण व्यवस्था का संबंध है, यह बताया गया है कि निरीक्षण में उपकरणों और बर्तनों की बेहतर सफाई, सफाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का उचित अलगाव और भंडारण, कच्चे माल और तैयार उत्पादों के बेहतर भंडारण, उचित तरीके से स्टॉक का इस्तेमाल (रोटेशन) तथा इससे जुड़े रिकॉर्ड के रखरखाव की आवश्यकता पाई गई।’’

एफएसएसएआई की रिपोर्ट में ‘अरावणा’, ‘अप्पम’ और ‘पंचामृतम’ के उत्पादन, पैकिंग और भंडारण क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में पानी के रिसाव की समस्या भी पाई गई। अदालत ने कहा कि टीडीबी को एफएसएसएआई ने निरीक्षण के दौरान पाई गई गैर-अनुरूपताओं को दूर करने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापन के लिए संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। टीडीबी ने अदालत को बताया कि एफएसएसएआई से प्राप्त सुझावों और टिप्पणियों पर उचित रूप से विचार किया जाएगा और लागू आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

बोर्ड ने यह भी कहा कि अनुपालन से जुड़े कदमों की समीक्षा करने, निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने और जरूरी मानकों को धीरे-धीरे हासिल करने के लिए एफएसएसएआई के साथ आगे और बैठकें की जाएंगी। शबरिमला में एक पूर्ण खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित करने के मुद्दे पर अदालत ने राजस्व (देवस्वोम) विभाग के सचिव को केरल के खाद्य सुरक्षा आयुक्त और टीडीबी के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने तथा सभी संबंधित पक्षों के साथ नियमित रूप से इस मामले की समीक्षा करने का निर्देश दिया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।