नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 59 हजार से अधिक जन शिकायतों और अपीलों का निपटारा किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने लंबित मामलों को कम करने और कार्यस्थल का माहौल बेहतर बनाने की सरकार की पहल के तहत प्रशासनिक लंबित मामलों को निपटाने के प्रयास तेज किए हैं।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 52,050 जन शिकायतों और 7,410 अपील का निपटारा किया गया। इसके अलावा सांसदों से मिले 299 संदर्भों, राज्य सरकारों से मिले 336 और प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले सात संदर्भों का भी निपटारा किया गया।
मंत्रालय ने ये आंकड़े ऐसे समय साझा किए हैं, जब वह प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा आयोजित विशेष अभियान-छह में भाग लेने की तैयारी कर रहा है। यह अभियान लंबित मामलों को कम करने, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार और सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
बयान में कहा गया कि अभियान का तैयारी चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा, जबकि इसका क्रियान्वयन दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में जनता से सीधे जुड़े क्षेत्रीय और दूरदराज के कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गृह मंत्रालय में विशेष अभियान-छह का उद्देश्य सतत और पर्यावरण अनुकूल कार्यस्थल बनाना होगा तथा विभिन्न श्रेणियों के संदर्भों और लंबित मामले को दूर करना होगा।”
बयान में कहा गया कि मंत्रालय और उसके अधीनस्थ संगठनों ने 10 महीने की अवधि के दौरान 761 स्वच्छता अभियान चलाए। बयान के अनुसार, मंत्रालय के कार्यालयों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने 1,02,084 वर्ग फुट कार्यालय स्थल भी खाली कराया।
बयान में कहा गया, “केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) को अभियान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया है और उन्हें अभियान के तहत निर्धारित उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा उम्मीद से ज़्यादा काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।”
मंत्रालय ने बताया कि वह एक आंतरिक मंत्रालय पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके माध्यम से मंत्रालय के सभी डिविजन के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश और दिल्ली पुलिस अभियान से संबंधित आंकड़े अपलोड करते हैं।


