रांची: रांची के रिम्स अस्पताल में रूबेला संक्रमण की जांच में राहत भरी खबर सामने आई है, जहां 25 संदिग्ध नमूनों की पीसीआर जांच कराने पर एक भी मरीज संक्रमित नहीं पाया गया है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में इस वर्ष अब तक करीब 900 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की जा चुकी है। प्राथमिक स्तर पर की गई एलिजा जांच के दौरान 25 नमूनों में रूबेला के प्रति एंटीबॉडी पाई गई थी और वे पॉजिटिव आए थे। हालांकि, संक्रमण की पक्की पुष्टि के लिए जब इनकी उन्नत पीसीआर (PCR) पद्धति से दोबारा जांच कराई गई, तो सभी 25 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई।

रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, राज्य में फिलहाल पूर्ण रूबेला संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों और चिकित्सकों का कहना है कि एलिजा जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट आने का मतलब हमेशा सक्रिय या नया संक्रमण होना नहीं होता है। यदि मरीज को पहले से शरीर में मौजूद एंटीबॉडी हो या उसने खसरा-रूबेला (MR) का टीका लिया हो, तो भी एलिजा रिपोर्ट पॉजिटिव आ सकती है। इसी भ्रम को दूर करने और केवल एंटीबॉडी व वास्तविक वायरस संक्रमण के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए दो स्तरीय जांच प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें पहले एलिजा टेस्ट होता है और उसमें पॉजिटिव आने पर पीसीआर टेस्ट से संक्रमण की अंतिम पुष्टि की जाती है।


