अयोध्या (उप्र): अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण नहीं हो सकी।

अब इन याचिकाओं पर छह और सात अक्टूबर को सुनवाई होगी।
आरोपी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अदालत के न्यायाधीश रजत वर्मा दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर छह और सात अक्टूबर को सुनवाई करेंगे।
सिंह ने कहा, ”न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण आज सुनवाई नहीं हो सकी। अब छह और सात अक्टूबर को जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होगी।”
उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी छह अन्य लोगों की जमानत याचिकाओं पर विशेष अदालत पहले ही अलग-अलग तारीखों में सुनवाई करके उन्हें खारिज कर चुकी है।
सिंह ने बताया कि विशेष अदालत ने 21 सितंबर को अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव और रामशंकर मिश्रा की जमानत याचिकाएं तथा 22 सितंबर को अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
उन्होंने कहा कि अगर अगली सुनवाई में श्रीवास्तव और यादव की जमानत याचिकाएं भी खारिज होती हैं तो बचाव पक्ष उनके साथ अन्य आरोपियों के लिए भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में जमानत याचिका दाखिल करेगा।
अधिवक्ता ने बताया कि वह और उनके सहयोगी हाल में दाखिल आरोपपत्र का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपपत्र हजारों पन्नों का है और इसी के अध्ययन के आधार पर अदालत में दलीलें पेश की जाएंगी।
मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की है। एसआईटी ने करीब 70,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें 173 गवाहों के नाम शामिल हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांचकर्ताओं ने चंदे की रकम की गिनती के दौरान कथित तौर पर नकदी को अलग किए जाने के 105 मामलों से संबंधित वीडियो साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।
यह मामला अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी और अन्य कीमती सामान के कथित गबन से जुड़ा है। मामले की जांच के लिये गठित विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों में अधिकतर बैंक कर्मचारी हैं, जिन्हें चढ़ावे की रकम की गिनती के काम में लगाया गया था।
आरोप है कि सुभाष श्रीवास्तव चढ़ावे की रकम की गिनती की प्रक्रिया की निगरानी कर रहा था, जबकि टिन्नू यादव चालक के रूप में काम करता था। यादव श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी सहयोगी था।


