देवघर : देवघर का लेप्रोस्कोपिक हॉस्पिटल कमाई बढ़ाने के लिए गोरखधंधा कर रहा है। इस हॉस्पिटल ने ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए एक बोर्ड लगाकर कहा है कि दवा वापस करने की स्थिति में वे कुल राशि का 30 फीसदी काट लेंगे। यही नहीं जो मरीज इस अस्पताल में भर्ती हैं उन्हें इसी अस्पताल से दवाई खरीदनी है और यदि सात दिन के बाद मरीज दवा वापस करने जाता है तो दवाई वापस भी नहीं होगी।

अस्पताल के इस रवैये से स्थानीय लोगों में रोष है। देवघर निवासी विशाल कुमार ने अस्पताल के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि इस इंडस्ट्री का ऐसा कोई सिस्टम है कि डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज कराने के बाद उसी डॉक्टर के मेडिकल से दवा लेने के बावजूदअगर ली हुई दवाई वापस करनी पड़े, तो उसमें से 30% तक काट लिया जाएगा। ऐसा अस्पताल के बाहर बड़े अक्षरों में स्पष्ट लिखा है। सवाल यह है कि क्या दवा वापस करने पर 30% तक की कटौती का कोई नियम है?
अगर ऐसा कोई प्रावधान है, तो इसकी वजह और आधार क्या है? आखिर दवा वापस करने की स्थिति में 30% तक का नुकसान मरीज की जेब पर क्यों पड़े? गौरतलब है कि यह अस्पताल डॉ राकेश रंजन चलाते हैं।


