‘नोटबंदी’ के बाद देश ‘वोटबंदी’ का सामना कर रहा है : सचिन पायलट

सचिन पायलट ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे ‘वोटबंदी’ बताते हुए पारदर्शिता की मांग की।

Archana Ekka
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पणजी : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘‘असंवैधानिक’’ करार दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लाखों मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में अब ‘‘वोटबंदी’’ देखी जा रही है।

पणजी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं, जिनमें गोवा के 1.7 लाख मतदाता शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।