रेजीनगर (पश्चिम बंगाल) : पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए जारी मतदान के बीच वहां स्थित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के कार्यालय में पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर को पुलिसकर्मियों से तीखी बहस के बाद मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले कबीर ने सुरक्षा कर्मियों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था और लोगों से कथित पुलिस ज्यादती का ‘मुगुर’ (भारी लकड़ी की वस्तु) लेकर विरोध करने की अपील की थी।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कबीर को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में मतदाताओं को प्रभावित करने तथा उन्हें भड़काने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।’’ कबीर पहले अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंचे थे। उन्होंने अपने आवास और मतदान केंद्रों के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर पुलिस की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल ‘‘मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इशारे पर काम कर रहा है।’’
एजेयूपी प्रमुख ने पुलिस की तैनाती की तुलना ‘‘कुत्तों को खुला छोड़ने’’ से करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी ने ‘‘हर मतदान केंद्र पर अल्सेशियन नस्ल के कुत्ते छोड़ दिए हैं’’। उन्होंने स्थानीय लोगों से कथित पुलिस ज्यादती का विरोध करने और ‘मुगुर’ लेकर खड़े होने की अपील की। एजेयूपी ने आरोप लगाया, ‘‘क्या पुलिस मुझ पर हमला करेगी और मैं उन्हें जाने दूंगा?’’ पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है। कबीर ने अपने 64 समर्थकों की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस कार्रवाई से उनकी पार्टी की आवाज नहीं दबाई जा सकी।
जब पुलिस का एक दल एजेयूपी कार्यालय पहुंचा तो स्थिति बिगड़ गई। कबीर ने पुलिसकर्मियों पर बार-बार ‘‘दलाली’’ करने का आरोप लगाया जिसके बाद तीखी बहस शुरू हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने उनकी कमीज पकड़कर उन्हें एक वाहन तक पहुंचाया और बाद में थाने ले गए। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन मक्कड़ ने कहा कि कबीर उपचुनाव में न तो उम्मीदवार थे और न ही अधिकृत चुनाव एजेंट, इसलिए वह उस तरह से घूम-फिर नहीं सकते थे, जैसा वह कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। इस घटना से रेजीनगर में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। यहां कबीर का व्यक्तिगत प्रभाव और उनकी पार्टी की चुनावी संभावनाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी इसलिए मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया। कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद एजेयूपी की टिकट पर रेजीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में यह चुनाव इस बात की परीक्षा बन गया है कि कबीर अपने व्यक्तिगत समर्थकों को अपनी पार्टी और परिवार के पक्ष में चुनावी समर्थन में बदल पाते हैं या नहीं। चुनाव बहुकोणीय मुकाबला बन गया है। भाजपा ने मुर्शिदाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष सखराव सरकार को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है, कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सैयद असद अली को मैदान में उतारा है। उम्मीदवारों की बड़ी संख्या ने इस चुनाव क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं को एक अहम कारक बना दिया है। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी मंगलवार को मतदान जारी है। सरकार बदलने के बाद राज्य के बदलते राजनीतिक माहौल को समझने के लिए इन दो चुनावी मुकाबलों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। दिन भर के घटनाक्रमों ने कबीर का ध्यान उनके बेटे की चुनावी लड़ाई से हटाकर प्रशासन के साथ उनके अपने टकराव की ओर मोड़ दिया है जिससे पहले से ही तनावपूर्ण उपचुनाव में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।


