राहुल को फिर से लॉन्च करने की एक और कोशिश : भाजपा का ‘इंडिया’ गठबंधन के मार्च पर तंज

निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के मार्च पर भाजपा ने निशाना साधा। संबित पात्रा ने इसे राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने और राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताया।

Archana Ekka
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नयी दिल्ली : भाजपा ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के मार्च की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा अराजकता पैदा करने और राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने का एक और प्रयास था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी की आलोचना की और उन पर उच्चतम न्यायालय को गलत तरीके से उद्धृत करके “भ्रम” फैलाने और “अपनी राजनीति को बढ़ावा देने” की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उच्चतम न्यायालय में सोमवार को हुई एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि अदालत ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-छह अवैध था। इससे पहले, गांधी ने ‘एक्स’ पर दावा किया था कि अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि सीईसी ने फॉर्म-छह को “अवैध रूप से और एकतरफा” बदल दिया। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए लोग फॉर्म-6 का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा सांसद ने कहा, “उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। उसने सिर्फ नोटिस जारी किए हैं। अभी तक सुनवाई भी नहीं हुई है। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा है कि जब सुनवाई होगी, तब मामले की जांच की जाएगी। फिर भी, राहुल गांधी देश में अराजकता, झूठ, छल और भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि गांधी न्यायालय का हवाला देकर “अपनी राजनीति को बढ़ावा देने” की कोशिश कर रहे हैं और उसका गलत उद्धरण दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस बार-बार हर संभव तरीके से राहुल गांधी को लॉन्च और फिर से लॉन्च करने की कोशिश करती रही है। जब, कई प्रयासों के बावजूद, वह अपनी पकड़ बनाने में विफल रहे, तो कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने तय किया कि भले ही इसके लिए अराजकता का सहारा लेना पड़े और देश के लोकतंत्र को कमजोर करना पड़े, वे किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से लॉन्च करेंगे।” पात्रा ने कहा, “इन प्रयासों के तहत, उन्होंने समय-समय पर भारतीय सेना, उच्चतम न्यायालय, हिंदुओं और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों) पर हमला किया। और पिछले कुछ हफ्तों से, वह निर्वाचन आयोग पर हमला कर रहे हैं।”

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।