वर्धा : महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर “वैश्विक गांधी: भारतवंशी चित्त के शिल्पी” पुस्तक का लोकार्पण महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो.कुमुद शर्मा मध्य प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव, गांधी एवं शांति अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार राय, कुलानुशासक डॉ. राकेश कुमार मिश्र की ओर से किया गया।

इसी पुस्तक का लोकार्पण सेवाग्राम आश्रम में सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान की अध्यक्ष आशा बोथरा, गांधी चिंतक दर्शन शंकर, आश्रम प्रतिष्ठान के मंत्री विजय ताम्बे की ओर से किया गया। नयी किताब से प्रकाशित इस पुस्तक का संपादन विश्वविद्यालय के चमनलाल प्रवासन एवं डायस्पोरा अध्ययन विभाग के डॉ. मुन्नालाल गुप्ता और डॉ. राजीव रंजन राय ने किया। डॉ. अर्चना बलवीर पुस्तक की सह-संपादक हैं।
पुस्तक में 27 आलेख हैं, जो मॉरीशस, इंग्लैंड, डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान, अमेरिका, फीजी, सूरीनाम, नीदरलैंड, बुल्गारिया, क़तर, नेपाल, न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और त्रिनिदाद एवं टोबैगो सहित कई देशों और प्रवासी समाजों में गांधी के प्रभाव और विरासत पर लिखे हैं। कुछ आलेख विषय-आधारित भी हैं, जैसे गांधी के जीवन में ‘बा’ की भूमिका, प्रवासी हिंदी साहित्य में गांधी, जर्मन साहित्य में गांधी और गांधी के व्यक्तित्व में प्रवास की भूमिका।
इस अवसर पर पुस्तक के संपादक डॉ. मुन्नालाल गुप्ता, डॉ. राजीव रंजन राय और सह-संपादक डॉ. अर्चना बलवीर उपस्थित रहे। डॉ. मुन्नालाल गुप्ता ने पुस्तक में सहयोग देने वाले सभी भारतवंशी विद्वानों के प्रति आभार व्यक्त किया।


