सीजीएल पेपर लीक मामले में SIT का बड़ा खुलासा, प्रश्न-उत्तर रटवाने के दौरान मौजूद था अभय तिवारी

JSSC CGL पेपर लीक मामले में SIT जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और बैंक रिकॉर्ड से अभय तिवारी की भूमिका सामने आई है।

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रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक मामले को लेकर विशेष जांच टीम की जांच रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी ने आरोपी अभय तिवारी के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि 21 सितंबर 2024 को परीक्षा से ठीक पहले जब अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे, तब अभय तिवारी स्वयं दुमका स्थित उस स्थान पर मौजूद था।

जांच में सामने आया है कि दुमका के एक स्थान पर रुककर परीक्षार्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इस दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी के अलावा उसके सिंडिकेट के सहयोगी मिथिलेश सिंह और अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। अभय तिवारी ने एसआईटी के समक्ष पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने परीक्षा में धांधली और सेटिंग के जरिए स्वयं, अपनी पत्नी सुषमा कुमारी और अपने बहनोई अक्षय कुमार तिवारी को सफल कराया था।

सफल अभ्यर्थी दीपक ने दिए थे 19 लाख

एसआईटी की जांच में यह भी बात सामने आई है कि सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार सिंह ने 19 लाख रुपये देकर प्रश्न-उत्तर प्राप्त किए थे। दीपक के ससुर सुरेश राय के खाते में 22 जनवरी 2026 को चयन के बाद 15 लाख रुपये आए थे, जिन्हें बाद में 15 लाख रुपये में पेपर उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी के पास भेजा गया। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन के ट्रेल (बैंक रिकॉर्ड) की जांच में यह भी पता चला कि सह-आरोपी विजय कुमार तिवारी की पत्नी सीमा कुमारी के खाते से अभय कुमार तिवारी के खाते में कुल 3,80,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

बैंकिंग रिकॉर्ड और टावर लोकेशन से हुई पुष्टि

एसआईटी ने बैंकिंग रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन का सहारा लेकर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा है। सह-आरोपी उमेश राय के बयान और मोबाइल लोकेशन से 20 सितंबर 2024 को अभय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी की दुमका में मौजूदगी साबित हुई है। इस दौरान आरोपी अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर सामग्री देने के लिए दुमका के एक क्वार्टर में इकट्ठा किया गया था। फिलहाल एसआईटी परीक्षा सेटिंग से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।