‘पीढ़ियों तक उनकी एक्टिंग याद रखी जाएगी,’ PM मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा स्थित फ्लैट में बेहोश मिले थे, अस्पताल में 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद नहीं बच सके।

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डेस्क: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, एनसीपी चीफ शरद पवार और उद्धव ठाकरे समेत कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर नाना पाटेकर के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

 पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। वह अपने हर किरदार में अलग नजर आते थे और अभिनय में अपनी खास छाप छोड़ते थे। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने हर किरदार में क्रिएटिविटी दिखाई और पर्दे पर ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी लंबे समय तक याद रखेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के बेबाक अंदाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नाना के विचार बेहद स्पष्ट और बेबाक थे। वह अपनी बात रखने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बेहद बड़ा रहा है और उनका निधन फिल्म जगत के लिए एक बड़ी कमी है।

बताते चलें कि नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा स्थित अपने फ्लैट में उन्हें सीने में तेज दर्द के बाद बेहोशी की हालत में पाया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर के मुताबिक, सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई थी। जब टीम वहां पहुंची, तो नाना पाटेकर बेहोश मिले। उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, जिसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया। उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस मामले को मेडिको-लीगल केस के तौर पर दर्ज किया गया है। मौत की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। यह जानकारी मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ शेखर सालकर ने दी।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। वह हिंदी और मराठी सिनेमा के बेहद सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। नाना पाटेकर को तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। साल 2013 में उन्हें पद्मश्री भी दिया गया। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए और अभिनय की अपनी अलग पहचान बनाई।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।