नयी दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के संकाय सदस्यों और अधिकारियों ने छात्रावास के निर्माण के लिए उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (एचईएफए) से कर्ज लेने के प्रस्ताव पर चिंता जताते हुए कहा है कि संबंधित राशि चुकाने का बोझ अंततः छात्रों पर अधिक शुल्क के रूप में पड़ सकता है।

यह चिंता डीयू की कार्यकारी परिषद (ईसी) की ओर से 5,889 करोड़ रुपये के एक प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की पृष्ठभूमि में आई है, जिसके तहत नये छात्रावास बनाकर और दो मौजूदा छात्रावास का पुनर्निर्माण करके 21,895 छात्रों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जाना है।


