रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड के मातृत्व स्वास्थ्य कोषांग की ओर से नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में ‘सुमन रोडमैप 2030’ पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरक्षित मातृत्व, नवजात शिशु देखभाल और 2030 तक मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने की रणनीतिक कार्ययोजना पर चर्चा हुई। कार्यशाला में टीबी उन्मूलन, नियमित टीकाकरण, यू विन पोर्टल पर एंट्री, एनएचएम कर्मियों व सहिया के मानदेय तथा टीबी मरीजों के बकाए भुगतानों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने टीबी मरीजों की वित्तीय सहायता में देरी और स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि निक्षय पोषण योजना के तहत हर टीबी मरीज को मिलने वाली 1000 प्रतिमाह की सहायता राशि का भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ त्योहार से पहले हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
अभियान निदेशक ने दोटूक शब्दों में कहा कि सिर्फ काम होने का दिखावा या टालमटोल रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशाला में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं देने का रोडमैप साझा किया गया। साथ ही टीबी और कुष्ठ उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया गया। इस मौके पर राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अश्विनी, डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. कमलेश, डॉ. विजय किशोर रजक, डॉ. प्रभात और डॉ. पुष्पा सहित राज्यभर के डीआरसीएचओ, चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


