गोड्डा : जिले में पर्यटन को सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित रखने के बजाय उसे विकास और स्थानीय आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम ढ़ाया है। पर्यटन स्थलों की पहचान से लेकर उनके सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक, शुक्रवार को हुई जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पोड़ैयाहाट और गोड्डा प्रखंड के विभिन्न धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को श्रेणी-D पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने पर विचार किया गया। पदमपुर पोखर, मां पंचवदन सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर, मामू-भगिना थान बेलबथान और मां कष्टहरनाथ मंदिर सहित कई स्थलों को इस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है।
बैठक का एक अहम पहलू पहले से चिह्नित पर्यटन स्थलों का दर्जा बढ़ाने को लेकर रहा। सर्वोदय हाट बोहरा काली मंदिर और प्राचीन दुर्गा मंदिर अषाढ़ी माधुरी को श्रेणी-D से श्रेणी-C में उन्नत करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं ठाकुरगंगटी के दिग्घी गांव में शिव मंदिर और छठ घाट तालाब का कायाकल्प करने की योजना पर भी मंथन हुआ। दूसरी ओर बाबा अर्धनारीश्वर धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर जोर रहा कि जिले के पर्यटन स्थलों का विकास योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि स्थानीय धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को बेहतर पहचान मिल सके तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।


