नागोया: प्रमोद भगत ने कोरिया के ली सियुंघू को तीन गेम तक चले मैराथन सेमीफाइनल में हराकर एशियाई पैरा खेलों की एसएल3 पुरूष एकल बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया जहां उनका सामना हमवतन नितेश भगत से होगा जिससे भारत ने स्वर्ण और रजत पदक पक्के कर लिये । छह बार के विश्व चैम्पियन और तोक्यो पैरालम्पिक के स्वर्ण पदक विजेता 38 वर्ष के भगत ने जबर्दस्त फिटनेस का प्रदर्शन करते हुए दो घंटे नौ मिनट तक चले मुकाबले में ली को 16 . 21, 21 . 18, 21 . 17 से हराया ।

इससे पहले पेरिस पैरालम्पिक चैम्पियन नितेश ने पुरूष एकल एसएल3 और मिश्रित युगल एसएल3. एसयू5 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। वहीं नवीन शिवकुमार ने पुरूष एकल एसएल4 के फाइनल में जगह बनाई । नितेश ने इंडोनेशिया के एम इमरान को 21 . 19, 21 . 16 से हराया। भारतीयों ने अलग अलग वर्गों में पांच कांस्य पदक भी जीते । इससे पहले थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश की जोड़ी ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 जबकि नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 स्पर्धा फाइनल में प्रवेश किया।
थुलासिमथी और नितेश ने इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में चीन के ली मिंगपान और शियाओ ज़ुक्सियन को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित किया। यह मैच 42 मिनट तक चला। थुलासिमथी ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं। अब हमें अपना पूरा ध्यान फाइनल पर केंद्रित करना होगा।’’ नितेश ने कहा, ‘‘हम इनमें से अधिकतर खिलाड़ियों के खिलाफ पहले कई बार खेल चुके हैं और उनके मजबूत पक्ष को जानते हैं। इसलिए हमें यह पता था कि हमें प्रत्येक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कैसे खेलना है। बीच में हमारा ध्यान थोड़ा भटक गया और हमने कुछ गलतियां कर दीं, लेकिन अच्छी बात यह थी कि तीसरे सेट की शुरुआत में हमने अपनी लय वापस पा ली।’’ अब उनका सामना फाइनल में लियानी और हिकमत से होगा । नवीन ने पुरुष एकल एसएल4 सेमीफाइनल में हमवतन अभिजीत सखूजा को 21-13, 21-15 से हराया।
उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘‘मैं पहली बार इन खेलों में भाग ले रहा हूं और फाइनल में पहुंचकर गर्व महसूस कर रहा हूं। आमतौर पर मेरी शुरुआत अच्छी नहीं रहती है लेकिन इस बार मैंने शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन किया जिसका मुझे फायदा मिला।’’
इस प्रकार सखूजा ने कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। मिश्रित युगल स्पर्धा में फाइनल दो भारतीय जोड़ियों के बीच हो सकता था लेकिन मनीषा रामदास और प्रमोद भगत इंडोनेशिया की लीनी रात्रि ओक्टिला और हिकमत रामदानी से 21-16, 13-21, 17-21 से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। मनीषा ने कहा, ‘‘हमें बुरा लग रहा है क्योंकि यह बहुत करीबी मैच था और हमारे पास जीतने का मौका था। हमने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत के बेहद करीब थे। उम्मीद है कि हम अपने एकल मैचों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ प्रमोद ने कहा, ‘‘हमने पहले सेट जीता लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। वे दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं और हमारा आत्मविश्वास भी कुछ कम हो गया था।’’
पुरुष एकल में तोक्यो पैरालंपिक के रजत पदक विजेता सुहास ललिनाकेरे यथिराज एसएल4 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से 21-23, 21-8, 15-21 से हार गए और एक और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘कांस्य पदक से निराश हूं। मैंने उसे ग्रुप मैचों में हराया था और जीतने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन आज मेरा दिन नहीं था। मुझे इसकी खुशी है कि मैंने 2018 से लेकर अब तक सभी प्रमुख प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।’’ संजना कुमारी को महिला एकल एसएल3 सेमीफाइनल में जापान की शिनो कावाइ ने 21 . 7, 21 . 9 से हराया जिससे उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा ।
भारत के कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवान ने भी मिश्रित युगल एसएच6 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की रीना मर्लिना और सुभान से 14-21, 18-21 से हारने के बाद कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं और आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं। एसयू श्रेणी के खिलाड़ी ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं। इन दोनों श्रेणियां के खिलाड़ियों को एक साथ उतारा जाता है। एसएल4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके चलने और दौड़ने के संतुलन पर मामूली असर पड़ता है। वे पूरे कोर्ट पर खेलते हैं।


