पिस्टल की टेस्टिंग के दौरान लगी गोली
हजारीबाग के एएसपी अमित कुमार के मुताबिक, पांचों आरोपी किसी वारदात की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान वे पिस्टल की टेस्टिंग कर रहे थे। इस दौरान गोली चलने से रमेश महतो और रूपलाल महतो घायल हो गए।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आरोपियों ने खुद को बचाने और जांच को भटकाने के लिए अपराधियों द्वारा गोली चलाए जाने की अफवाह फैलाई। हालांकि, पुलिस की जांच में गोली लगने की परिस्थितियों को लेकर अलग जानकारी सामने आई।
कोयला खदानों में फायरिंग कर वसूली की थी योजना
एएसपी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कोयला खदानों में फायरिंग कर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की योजना के बारे में बताया। पुलिस ने शिवलाल महतो को इस कथित योजना का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। वह वाहन चालक है और उस पर योजना तैयार करने का आरोप है।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित योजना में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।
हथियार समेत कई सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, 7.65 एमएम के दो खोखे, तीन मोबाइल फोन, फायरिंग का वीडियो मौजूद एक पेन ड्राइव और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
SIT ने ऐसे किया मामले का खुलासा
गोली लगने से दो युवकों के घायल होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। हजारीबाग के एसपी अमन कुमार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की। टीम ने दोनों घायलों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें उनके बयानों में अंतर सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और दोनों घायलों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।


