नागालैंड में मुख्यमंत्री ने स्वायत्तता संबंधी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर जताया आभार

नगालैंड में फ्रंटियर नगालैंड प्रादेशिक प्राधिकरण विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने आभार जताया। छह पूर्वी जिलों को अधिक स्वायत्तता मिलने का रास्ता साफ।

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कोहिमा: नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राज्य के छह पूर्वी जिलों को मिलाकर एक स्वायत्त प्रशासनिक संगठन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने पर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि ‘फ्रंटियर नगालैंड प्रादेशिक प्राधिकरण’ (एफएनटीए) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से राज्य के छह पूर्वी जिलों तुएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामतोर के लोगों की आकांक्षाएं पूरी होंगी। नगालैंड विधानसभा ने तीन सितंबर को इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया था।

एफएनटीए की परिकल्पना एक स्वशासी क्षेत्रीय प्राधिकरण के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत करना और इन छह जिलों में विकास की गति तेज करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 46 विषयों से संबंधित शक्तियां इस प्राधिकरण को सौंपी जानी हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास में असमानताओं को दूर करना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। रियो ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में विधेयक को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति और इस प्रक्रिया में समन्वय करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय का आभार जताया। उन्होंने इसे ‘‘पूर्वी नगालैंड के लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने’’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता यानथुंगो पैटन ने भी इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। पैटन ने राष्ट्रपति मुर्मू के प्रति आभार जताया और लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया।

यह घटनाक्रम पांच फरवरी को केंद्र सरकार, नगालैंड सरकार और क्षेत्र के आठ मान्यता प्राप्त नगा जनजातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले शीर्ष संगठन ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ (ईएनपीओ) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के बाद सामने आया है। इस समझौते का उद्देश्य राज्य के भीतर रहते हुए पूर्वी नगालैंड को अधिक स्वायत्तता देने की लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान करना था। ईएनपीओ 2010 से अलग राज्य की मांग कर रहा था। संगठन ने पूर्वी जिलों की कथित उपेक्षा और विकास में लगातार बनी खाई को इसका कारण बताया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।