मेडिकल छात्र नोबेल पुरस्कार का लक्ष्य रखें, वैश्विक स्वास्थ्य संकटों का समाधान करें: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मेडिकल छात्रों से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान खोजने का आह्वान किया। उन्होंने एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से नोबेल पुरस्कार विजेता निकलने की उम्मीद जताई।

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विजयवाड़ा: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को मेडिकल छात्रों से आग्रह किया कि वे वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौतियों की पहचान करें और उनके समाधान विकसित करें। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 40वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इच्छा जताई कि इस संस्थान का कोई विद्यार्थी नोबेल पुरस्कार जीते। राधाकृष्णन ने कहा, “आपको केवल एक शोध छात्र या वैज्ञानिक ही नहीं बनना चाहिए, बल्कि आपको मानवता के सामने मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाकर उनका समाधान भी खोजना चाहिए। मेरी इच्छा है कि एक दिन ऐसा आए, जब हमारे एनटीआर विश्वविद्यालय से कोई व्यक्ति नोबेल पुरस्कार जीते।”

गहन अनुसंधान का अनुभव हासिल करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल मानव कल्याण के साधन के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते समय वैज्ञानिक प्रमाणिकता, मरीज की सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और नैतिक जिम्मेदारी का ध्यान रखना अनिवार्य है। राधाकृष्णन ने कहा कि तकनीकी प्रगति डॉक्टर और मरीज के संबंधों के केंद्र में मौजूद विवेकपूर्ण विचार-विमर्श, निर्णय लेने की क्षमता और मानवीय जुड़ाव की कभी जगह नहीं ले सकती। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि हर मेडिकल रिकॉर्ड के पीछे एक इंसान होता है।

राधाकृष्णन ने संयुक्त आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव (एनटीआर) को श्रद्धांजलि दी, जिनके नाम पर इस चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है। उन्होंने चेन्नई में पेयजल संकट को हल करने में एनटीआर की भूमिका का विशेष उल्लेख किया। उपराष्ट्रपति ने संस्थान को अनुसंधान और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा जन स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और गहरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों को एक ही शैक्षणिक दायरे में लाकर विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य सेवा शिक्षा की नींव को मजबूत किया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।