पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों के लिए ‘रिलीफ’ योजना मार्च, 2027 तक बढ़ी

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते माल ढुलाई खर्च से परेशान निर्यातकों को राहत देते हुए सरकार ने 'रिलीफ' योजना की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 तक कर दी है।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नयी दिल्ली: सरकार ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण माल ढुलाई और बीमा लागत बढ़ने से प्रभावित निर्यातकों को जोखिम सुरक्षा देने वाली योजना की अवधि छह महीने बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 तक कर दी है। वाणिज्य विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।

विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘निर्यात सुविधा के लिए लचीलापन एवं लॉजिस्टिक हस्तक्षेप (रिलीफ)’ योजना के घटक-2 की अवधि बढ़ाने का उद्देश्य निर्यातकों को पात्र खेपों के लिए भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) से बीमा कवर लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

विभाग ने 30 सितंबर की इस अधिसूचना में कहा है कि इस योजना के तहत पात्र निर्यातकों को 95 प्रतिशत तक जोखिम सुरक्षा मिल सकती है। पात्र अवधि के दौरान संकट से पहले के स्तर की तुलना में बीमा प्रीमियम में हुई वृद्धि से भी सुरक्षा उपलब्ध है।

यह विस्तार ऐसे समय किया गया है, जब पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में समुद्री माल परिवहन प्रभावित हो रहा है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए माल ढुलाई की लागत, बीमा प्रीमियम और युद्ध संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं।

योजना का दूसरा घटक 16 मार्च, 2026 या उसके बाद ली गई ईसीजीसी की अलग-अलग और समग्र कारोबार वाली बीमा पॉलिसी पर लागू होता है। इसके तहत पूर्ण कंटेनर लोड (एफसीएल), आंशिक कंटेनर लोड (एलसीएल) और रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में भेजे जाने वाले पात्र माल को शामिल किया गया है। ऊर्जा से संबंधित खेपों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

योजना का लाभ लेने के इच्छुक निर्यातकों को अपने दावे और संबंधित दस्तावेज ईसीजीसी के ग्राहक पोर्टल पर जमा करने होंगे।

सरकार ने 19 मार्च, 2026 को ‘रिलीफ’ योजना शुरू की थी। यह सरकार के निर्यात संवर्धन मिशन का हिस्सा है और इसका उद्देश्य खाड़ी तथा पश्चिम एशिया के व्यापक समुद्री मार्ग में व्यवधान से पैदा हुई लॉजिस्टिक लागत में असाधारण वृद्धि और निर्यात संबंधी जोखिमों से भारतीय निर्यातकों को निपटने में मदद करना है।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।