नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर मंगलवार को आरोप लगाया कि वे यहां रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली रैली के जरिए हिंदू त्योहारों को बाधित करने और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस नेताओं ने व्यापारियों की रैली स्थगित करने की अपील खारिज कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि यह अपील कुछ अन्य समूहों की ओर से की गई होती, तो वे इसे आसानी से स्वीकार कर लेते।

बंसल ने लिखा, ” ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं को विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंदू त्योहारों और अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने की साजिश से बचना चाहिए। व्यापारियों ने एक नवंबर की रैली स्थगित करने की अपील की थी इसलिए इसे खारिज कर दिया गया।” उन्होंने यह भी कहा कि इसी दिन अहोई अष्टमी है। इस त्योहार पर माताएं अपनी संतान की भलाई और दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। बंसल की यह टिप्पणी सोमवार को यहां कश्मीरी गेट पर व्यापारियों के प्रदर्शन के एक दिन बाद आई है। व्यापारियों ने कांग्रेस से एक नवंबर की रैली दिवाली के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि वे इस मुद्दे पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखेंगे। व्यापारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर रैली की तारीख बदलने का अनुरोध किया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि सुरक्षा व्यवस्था, सड़कों को बंद किए जाने और यातायात मार्गों में बदलाव से त्योहारों के दौरान प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा था कि वह ‘‘आरोपी नंबर 4’’ ज्ञानेश कुमार को हटा दें तो विपक्ष का आंदोलन ‘‘30 सेकंड में’’ रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए व्यापारियों से कहा था, ‘‘मोदी जी से कहिए कि आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’’ विपक्षी दलों की इस रैली का उद्देश्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर दबाव बनाना और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना है।


