रांची: झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने यूनिसेफ द्वारा होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित वायसेस ऑफ चेंज कांक्लेव 2026’ में शिरकत की। इस अवसर पर राज्यपाल ने बाल पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनसे अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं की पहचान करने, सही सवाल पूछने और उनके समाधान के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपनी बात मुखरता से रखते हैं, तो वे उन बच्चों की आवाज भी बन जाते हैं जिन्हें अवसर नहीं मिल पाता।

राज्यपाल ने समाज में आज भी मौजूद गंभीर चुनौतियों जैसे बाल विवाह, बाल श्रम, कुपोषण, शिक्षा से वंचना, बच्चों के खिलाफ हिंसा और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही काफी नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बाल पत्रकारों को सलाह दी कि वे कोई भी समाचार या जानकारी साझा करते समय तथ्यों की पूरी जांच करें और संवेदनशीलता व गरिमा का ध्यान रखें।
संबोधन के दौरान राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की आवाज सुनने के साथ-साथ उस पर अमल करना भी उतना ही आवश्यक है। हर बच्चे को बेहतर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए, जिसके लिए सरकार, प्रशासन, विद्यालय और परिवार सभी को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों में सवाल पूछने, राय व्यक्त करने और रचनात्मकता व नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने की अपील की।
देश के भविष्य का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए बच्चों और युवाओं का शिक्षित, स्वस्थ और कुशल होना अनिवार्य है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें एक वाक्य मेरा एक बड़ा लक्ष्य है, मैं कड़ी मेहनत करूँगा और इसे हासिल करूँगा को अपना मूलमंत्र बनाकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


