टाटा को ‘आपराधिक तरीके से बर्बाद’ किया जा रहा, कारोबारी जगत चुप क्यों: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने टाटा समूह को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व, लिस्टिंग और कामकाज को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं।

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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि टाटा समूह को ‘‘आपराधिक तरीके से बर्बाद’’ किया जा रहा है और देश का कोई भी प्रमुख कारोबारी इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया कि कारोबारी जगत आखिर कब तक चुप रहेगा? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया कि कारोबारी जगत आखिर कब तक चुप रहेगा?

उन्होंने कहा, ‘‘टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी कारोबारी नेता एक शब्द कहने की हिम्मत नहीं कर रहा।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘‘आप कब तक चुप रहेंगे? तब तक, जब तक वे आप पर कब्जा नहीं कर लेते?’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भारतीय कारोबार मोदी और शाह का खिलौना नहीं है। आपमें साहस की कमी है। हममें नहीं। हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।’’

उनके आरोपों पर सरकार अथवा टाटा समूह की तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। गांधी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसकी सबसे बड़ी शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स के बीच नेतृत्व, कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की संभावना और उसके कामकाज से जुड़े मुद्दों पर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस सप्ताह की शुरुआत में ‘टाटा ट्रस्ट्स’ के अध्यक्ष नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को फिर से टाटा संस का अध्यक्ष नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव को चुनौती दी थी। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के निदेशक मंडल की 17 सितंबर को हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।