चक्रवात ‘अर्नब’ के पूर्वी तट की ओर बढ़ने पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बचाव तैयारियों में तेजी आई

चक्रवात अर्नब के खतरे के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बचाव अभियान तेज हुआ। झारखंड, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी, प्रशासन सतर्क।

Archana Ekka
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अमरावती/भुवनेश्वर : बंगाल की खाड़ी में ‘बेहद गंभीर’ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के पूर्वी तट की ओर तेजी से बढ़ने और अगले 24 घंटे के भीतर इसके तट से टकराने की आशंका के बीच आंध प्रदेश और ओडिशा सरकार ने मंगलवार को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित अन्य ऐहतियाती तैयारियां तेज कर दीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी

।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि चक्रवात मंगलवार सुबह 11:30 बजे बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से लगभग 170 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था। इसके शाम तक पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ने और बुधवार सुबह तक बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट पार करने की संभावना है। विभाग ने बताया कि तट से टकराते समय चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चलने और इस गति के 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के अनुसार, चक्रवात का असर दिखने लगा है और उत्तरी तटीय जिलों में जल्द ही भारी बारिश होने की आशंका है। श्रीकाकुलम जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि विशाखापत्तनम और काकीनाडा में तेज हवाएं चलने लगी हैं।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित रूप से प्रभावित होने वाले जिलों के जिलाधिकारियों से बात की और अधिकारियों को राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की।

लोगों को चक्रवात के दौरान घरों के भीतर रहने और तेज हवाओं के बीच बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें निकटतम आश्रय स्थल पर जाना चाहिए और समुद्र, नदियों तथा तालाबों से दूर रहना चाहिए। चक्रवात के करीब आने के साथ समुद्र में लहरों की ऊंचाई एक से दो मीटर तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, उत्तरी आंध्र प्रदेश और तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। जैन ने बताया कि राज्य के 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, 18 जिलों में 2.70 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार चक्रवात संबंधी चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तट पर 30,000 से अधिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित कर दिया गया है, जबकि चक्रवात प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1,087 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 8,281 आपातकालीन बिस्तरों और 1,274 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। सांप के काटने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में सांप के जहर को निष्क्रिय करने वाली दवा की 21,536 खुराक भी उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि 1,351 गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित रूप से अस्पतालों में पहुंचा दिया गया है। पेयजल के टैंकर, जनरेटर और ‘रिवर्स ऑस्मोसिस’ (आरओ) संयंत्र भी तैयार रखे गए हैं।

चक्रवात के संभावित रूप से तट से टकराने से पहले भारतीय रेलवे ने करीब 600 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। समुद्र में खराब स्थिति के कारण उप्पाडा और काकीनाडा के बीच यातायात बाधित हुआ है। तट पर लगातार ऊंची लहरें उठने से आसपास के तटीय इलाकों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। राज्य सरकार का लक्ष्य करीब 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि गजपति और नबरंगपुर जिलों में लगभग 11-11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मलकानगिरि, गंजाम, कोरापुट, रायगढ़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा जिलों में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चल रहा है। आठ जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, क्योंझर, मयूरभंज, कंधमाल, कालाहांडी, नबरंगपुर, खुर्दा, नयागढ़, जगतसिंहपुर, नुआपाड़ा, बलांगीर और बौध जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने का अनुमान है।

पाटिल ने बताया कि संवेदनशील इलाकों के लोगों को ठहराने के लिए 135 स्थायी चक्रवात आश्रय स्थल और लगभग 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में 294 बचाव दल तैनात किए हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नौ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 60 और अग्निशमन सेवा के 225 दल शामिल हैं। पाटिल ने कहा कि सरकार ने जनहानि रोकने का लक्ष्य रखा है और जिला अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से पश्चिमी और उत्तरी ओडिशा में अचानक बाढ़ आने तथा जलभराव की आशंका है। चक्रवात के करीब आने के मद्देनजर ओडिशा के प्रमुख बंदरगाहों पारादीप, धामरा और गोपालपुर में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मंगलवार दोपहर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय जिलों में मध्यम बारिश हुई, जबकि झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा और कोलकाता के कुछ हिस्सों में भी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, कोलकाता में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि उप-हिमालयी क्षेत्र के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के कारण झारखंड के कुछ हिस्सों में भी तीन दिन तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटे के लिए रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।