जमशेदपुर: देशव्यापी साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए जमशेदपुर और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को जमशेदपुर के बिरसानगर में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने किराए के मकान में चल रहे इस अवैध ठिकाने से भारी मात्रा में ठगी का सामान बरामद किया है, जिसमें 90 एटीएम कार्ड, 70 सिम कार्ड, 25 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप और विभिन्न बैंकों की 10 पासबुक शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों के मकान की छत से वाई-फाई उपकरण और राउटर भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी देश भर के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी कर चुके हैं।

महिला के खाते में मंगाए गए थे 43 लाख रुपये पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई रामगढ़ के साइबर थाने में दर्ज एक मामले के आधार पर की गई है। रामगढ़ की रहने वाली अनिषा सिंह नामक महिला ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि विकास यादव नामक व्यक्ति ने लोन दिलाने के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रामगढ़ शाखा में उनका खाता खुलवाया था। बाद में अनिषा को पता चला कि उनके इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा है और खाते में 43 लाख रुपये आने के बाद बैंक ने उसे फ्रीज कर दिया था।
इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी विकास यादव और उसके सहयोगी निखिल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ के दौरान इन्हीं दोनों की निशानदेही पर जमशेदपुर के बिरसानगर में यह संयुक्त छापेमारी की गई। पुलिस अब सभी बैंक पासबुकों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कुल कितने करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।


