खेत की मेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
एसडीपीओ बहामन टूटी के अनुसार, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे खेत की मेड़ काटने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि जुलाई 2026 में कुई बिरुवा और यदुनाथ बिरुवा के बीच इस बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा परिवार में भी संपत्ति और रिश्तों को लेकर तनाव चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़ा तोरलो गांव की रहने वाली 68 वर्षीय कुई बिरुवा और उनकी 27 वर्षीय बेटी नामसी बिरुवा की हत्या कर दी गई है। इसके बाद मंझारी थाना में मामला दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की गई।

13 अक्टूबर को हत्या कर जंगल में जलाए शव
पुलिस की जांच के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे दोनों की हत्या की गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शवों को कंधे पर उठाकर मोटकसाई गांव के दावुक पहाड़ स्थित गुफा में ले जाया गया। वहां लकड़ी, झाड़ियों और डीजल की मदद से शवों को जलाया गया और अवशेषों को गुफा में ही दफना दिया गया।
पुलिस ने दंडाधिकारी और एफएसएल टीम की मौजूदगी में आरोपियों की निशानदेही पर गुफा से जले हुए शवों के अवशेष बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपियों में परिवार के सदस्य भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादू, लादुरा बिरुवा, राजाराम बिरुवा, चेन्दे बिरुवा उर्फ चन्द्र बिरुवा, माहती बिरुवा, दुर्गा कोडाकेल उर्फ लखन कोडाकेल और त्रिभुवन बिरुवा को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि त्रिभुवन बिरुवा अपनी मां और बहन को घर से हटाना चाहता था और इसी मकसद से अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई।
सातों आरोपी जेल भेजे गए, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार सातों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।


