फहीम खान की रिहाई पर सरकार ने फिर मांगा समय, हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी- 8 जनवरी तक आदेश नहीं माना तो खुद होना पड़ेगा हाजिर

झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा रुख: आदेश का पालन नहीं हुआ तो व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में होना होगा हाजिर।

Razi Ahmad
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रांची: वासेपुर निवासी फहीम खान की समयपूर्व रिहाई का मामला एक बार फिर झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा। शुक्रवार को अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत के आदेश का अनुपालन करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा। सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर अदालत ने सरकार को 8 जनवरी 2027 तक की मोहलत दे दी।

आदेश नहीं माना तो अदालत में होना पड़ेगा हाजिर

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं हुआ, तो प्रतिवादियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद और अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने पक्ष रखा।

इससे पहले भी राज्य सरकार ने समय मांगा था, जिस पर अदालत ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने यह राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) में जमा करने का निर्देश दिया था।

1984 की नीति के आधार पर रिहाई पर विचार का आदेश

मामले के अनुसार, फहीम खान ने समयपूर्व रिहाई के लिए आवेदन दिया था। राज्य सरकार ने 2007 की नीति के आधार पर उनके आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार को 1984 की नीति के आधार पर उनकी समयपूर्व रिहाई पर विचार करने का निर्देश दिया था। अदालत ने इसके लिए छह सप्ताह का समय निर्धारित किया था। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर फहीम खान की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई।

हत्या के मामले में मिली है उम्रकैद की सजा

फहीम खान को वर्ष 2009 में हत्या के एक मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह वास्तविक सजा और रिमिशन मिलाकर 20 वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं।

फिलहाल हाईकोर्ट ने सरकार को 8 जनवरी 2027 तक का समय दिया है। अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि सरकार अदालत के निर्देश का पालन करती है या नहीं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।