गुवाहाटी/हैदराबाद: असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि एनवीएस-03 उपग्रह को लेकर जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण देश की नौवहन क्षमताओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शर्मा ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी इस सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो व इसके वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी और कहा कि यह सफल मिशन देश के लिए गौरव का क्षण है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अपने नौवहन उपग्रह ‘एनवीएस-03’ का सफल प्रक्षेपण किया, जिसमें स्वदेशी और बाहर से खरीदी गई परमाणु घड़ियां लगी हैं। इससे देश की अपनी उपग्रह नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ को मजबूती मिलेगी। जीएसएलवी रॉकेट ने ‘एनवीएस 03’ उपग्रह को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह भारत की नौवहन क्षमताओं के लिहाज से एक मील का पत्थर है। इसरो के जीएसएलवी-एफ18 का सफल प्रक्षेपण यह सुनिश्चित करता है कि भारत की अपनी नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ फिर से काम करने लगी है। इससे मानचित्रण के लिए विदेशी संस्थाओं पर निर्भरता समाप्त होगी और हमारे सशस्त्र बलों की क्षमताएं मजबूत होंगी।’’

मिशन का हिस्सा रहे वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘राष्ट्र को हमेशा की तरह आप पर गर्व है!’’ तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उपग्रह को उसकी निर्धारित भूस्थिर कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की। यह भारत की नौवहन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’’ मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि यह मिशन भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली ‘नाविक’ को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की यात्रा को आगे बढ़ाता है।
नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 उपग्रह को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को हार्दिक बधाई।’’ उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा, ‘‘हमारे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के प्रति आभार और सम्मान, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत का कद लगातार बढ़ा रहे हैं।’’


