मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने युवाओं को सफलता हासिल करने का एक खास मंत्र दिया है. एक फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे निर्देशक ने कहा कि जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो अपने लिए चीजों को आसान बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. सफलता केवल चाहने या किस्मत के भरोसे बैठने से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करना और पूरी लगन के साथ लगातार मेहनत करना जरूरी है. उन्होंने डिजिटल दौर में सिनेमा की बदलती भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए.

नाम की वर्तनी बदलने से नहीं, मेहनत से मिलेगी सफलता
इम्तियाज अली ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए खुद प्रयास करना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि जो कुछ हासिल करना चाहते हैं, उसके बारे में सोचकर उसे ब्रह्मांड के भरोसे छोड़ देना सही नहीं है. इसके लिए लक्ष्य निर्धारित करना और पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना जरूरी है. उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं.

निर्देशक ने सफलता के लिए किए जाने वाले अंधविश्वासों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई लोग अपनी किस्मत बदलने के लिए नाम की वर्तनी तक बदल लेते हैं. उनके मुताबिक, ऐसा करने के बजाय अपनी ऊर्जा और समय मेहनत पर लगाना ज्यादा बेहतर है. सफलता का असली रास्ता निरंतर प्रयास और समर्पण से होकर गुजरता है.
डिजिटल दौर में बदल गई है दर्शकों की पसंद
इम्तियाज अली ने सिनेमा और दर्शकों के बीच बदलते रिश्ते पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों के फिल्में और मनोरंजन देखने के तरीके में काफी बदलाव आया है. अब दर्शक मोबाइल और दूसरे निजी उपकरणों पर रील्स, कहानियां और छोटी वीडियो सामग्री देखने में अधिक समय बिताते हैं.
फिल्मकारों को दर्शकों से जुड़े रहने की सलाह
निर्देशक का मानना है कि बदलते समय में फिल्मकारों के लिए दर्शकों की पसंद और अपेक्षाओं को समझना बेहद जरूरी है. इसके लिए उन्हें लगातार दर्शकों से जुड़े रहना चाहिए. दर्शकों की बदलती रुचि को समझकर ही फिल्मकार बेहतर कहानियां और मनोरंजक सिनेमा पेश कर सकते हैं.


