सहारनपुर (उप्र): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनन्द ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बी टीम करार देते हुए दावा किया कि (सपा प्रमुख) अखिलेश यादव की राजनीति की कोई दिशा तय नहीं है।

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भतीजे आनन्द ने सहारनपुर के सोराणा में एक जनसभा में कहा कि अखिलेश यादव कभी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) में पंडितों की बात करते हैं तो कभी पिछड़ों की।

उन्होंने तंज किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की ‘डबल इंजन’ की सरकार है, इसलिए तेल ज्यादा पीती है । उन्होंने सपा की तरह भाजपा की सरकार में भी ”जंगल राज” का आरोप लगाया।
आनन्द ने सभा में भाजपा और सपा के बीच रिश्ता होने का दावा करते हुए कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य परिमल नाथवानी के पुत्र धनराज नाथवानी को राज्यसभा चुनाव में टिकट दिया और वह जीते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने एक बयान में अखिलेश यादव को अपना दोस्त बताते हुए कहा था कि वह समय-समय पर उनकी मदद करते रहते हैं।’’
बसपा नेता ने दावा किया, “पिछले 10 साल में भाजपा की सरकार न तो शिक्षा दे पाई, न हमारी बहन-बेटियों को सुरक्षा दे पाई और न ही हमारे युवाओं को रोजगार दे पाई। यह जरूर कहा जाता है कि बाबा (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) की सरकार ”एनकाउंटर” वाली सरकार है, लेकिन हकीकत एवं आंकड़े कुछ और बताते हैं। पिछले 10 साल में उत्तर प्रदेश हत्या के मुकदमे दर्ज होने के मामले में देश में नंबर वन है, महिलाओं पर अत्याचार के मामले भी सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में हैं।”
उन्होंने कहा कि यह सब देखकर कहा जा सकता है कि ‘‘यहां केवल जंगलराज है। भाजपा और सपा दोनों की सरकारों में जंगल राज ही देखने को मिला।’’
प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार को नाकाम बताते हुए बसपा समन्वयक ने कहा, “नीट और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक होने से रोकने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं। अगर पेपर लीक नहीं हुए तो सरकार को भर्ती करनी पड़ेगी, रोजगार देना पड़ेगा।’’
उन्होंने कहा,‘‘ ज्यादातर सरकारी पदों पर हमारे (बहुजन) समाज से आने वाले बच्चे ही आवेदन करते हैं। उन्हीं बच्चों को रोजगार से दूर रखने के लिए, उनको अपने पैरों पर खड़ा न होने देने के लिए ये लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं।”
बसपा नेता ने कहा कि पिछले 10 साल में उत्तर प्रदेश में नए स्कूल नहीं खुले, लेकिन 25 हजार से अधिक स्कूल बंद जरूर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह सरकार ‘पढ़ेगा इंडिया बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारे देती है, लेकिन इसमें उसका ‘प्रोपेगेंडा’ नजर आता है।
आनन्द ने यह भी आरोप लगाया कि छले 10 साल में सरकार ने विकसित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश के विज्ञापनों पर जनता के टैक्स के सात हजार करोड़ रुपये से ज्यादा फूंक दिए हैं, लेकिन यह सब अपनी नाकामी छुपाने के लिए किया गया है।


