रांची : डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई एवं जनता दरबार में सोमवार को जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखी। जनसुनवाई में भूमि विवाद, पंजी-2 में सुधार, दाखिल-खारिज, दखल-कब्जा, एलपीजी गैस सिलेंडर की उपलब्धता तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मामले सामने आए। मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान एलपीजी गैस कनेक्शन एवं घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। इस पर श्री भजन्त्री ने आम नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बाजार से 5 किलोग्राम का गैस सिलेंडर लेने का सुझाव दिया गया है। साथ ही संबंधित पदाधिकारी को मामलों पर आवश्यक कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया।

जनता दरबार में सोनाहातू में बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास से संबंधित शिकायत भी प्राप्त हुई। मामले की गंभीरता को देखते उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को संबंधित भूमि को संरक्षित करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त जनता दरबार में भूमि से संबंधित लंबित मामलों, पंजी-2 में सुधार, दाखिल-खारिज एवं दखल-कब्जा से जुड़ी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत भारत सरकार की इंदिरा गांधी पेंशन योजना से संबंधित शिकायतों पर भजन्त्री ने बताया कि रांची जिले में लगभग 50 प्रतिशत लाभुकों के खातों में पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभुकों को भुगतान में आ रही तकनीकी एवं अन्य कठिनाइयों को दूर करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिन लाभुकों को भुगतान संबंधी परेशानी हो रही है, उनके खातों में भी आगामी कुछ दिनों में राशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
श्री भजन्त्री ने सभी संबंधित अंचल अधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम नागरिकों द्वारा अपनी समस्याओं के संबंध में आवश्यक एवं सही जानकारी के साथ आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर उसका निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। आवेदकों को अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। अधिकारी शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए साप्ताहिक जनसुनवाई एवं जनता दरबार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल आवेदन प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक निष्पादन सुनिश्चित करना सभी संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है।


