

कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों के लिए Dragon Speech-to-Text सॉफ्टवेयर किट लॉन्च की गई। इसकी मदद से जज अपने आदेश, फैसले और अन्य न्यायिक दस्तावेज बोलकर तैयार कर सकेंगे। इससे दस्तावेज तैयार करने में समय की बचत होगी और कामकाज अधिक सुविधाजनक बनेगा।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। डिजिटल सिस्टम से न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और न्यायिक अधिकारियों को भी सहूलियत मिलेगी।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस. चंद्रशेखर, जस्टिस अपरेश सिंह और झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक समेत कई न्यायाधीश मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, 35 करोड़ का डेटा सेंटर और नई डिजिटल सुविधाएं झारखंड की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।


