लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में आवारा कुत्तों द्वारा नवजात शिशु के शव को नोचे जाने की घटना को लेकर मंगलवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”भाजपा राज में जब जीवित का ही ख्याल रखने वाला कोई नहीं है, तो मृत के लिए क्या अपेक्षा करना।”

उन्होंने कहा, ”जो लोग बरेली में रैली करने आ रहे हैं, वे बगल के उस शाहजहांपुर भी चले जाएं, जहां कभी वे शिलान्यास करने गए थे और देखें कि भाजपा राज में किस तरह पूरा उत्तर प्रदेश ‘मेडिकल अराजकता’ के दौर से गुजर रहा है।” सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा, ”उप्र का स्वास्थ्य मंत्रालय ‘सिक लीव’ (बीमारी की छुट्टी) पर है क्या?” इस बीच, बांदा के राजकीय रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु के शव को आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने के मामले में ड्यूटी पर तैनात चार सुरक्षा गार्डों को बर्खास्त कर दिया गया है और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कौशल ने मंगलवार को बताया कि रविवार रात गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी गनेश की पत्नी गुड़िया ने प्रसव के दौरान मृत शिशु को जन्म दिया था। उन्होंने बताया कि नवजात का शव उसी रात परिजनों को सौंप दिया गया था। कौशल के अनुसार, परिजन रात में शव के साथ मेडिकल कॉलेज के ओटी ब्लॉक परिसर में रुके थे। उनके सो जाने के बाद आवारा कुत्ते शव को खींचकर ले गए।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में कुत्ते शव को नोचते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोमवार सुबह ओटी ब्लॉक से करीब 50 मीटर दूर नवजात के हाथ और पैर मिले थे, जबकि सिर और धड़ का पता नहीं चल सका। प्रधानाचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में तैनात चार गार्डों को बर्खास्त कर सुरक्षा सुपरवाइजर को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि सूचना मिली है कि नवजात के परिजनों ने शव के अवशेष (हाथ-पैर) नदी में बहा दिए हैं।


