बिहार में जलाशयों से निकाली गई गाद का राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में होगा इस्तेमाल

बिहार में जलाशयों से गाद निकालकर राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। एनएचएआई और राज्य सरकार के बीच समझौते से सड़क परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।

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नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बिहार सरकार ने राज्य में जलाशयों से गाद निकालने और उसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में करने के लिए मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एनएचएआई ने बयान में कहा कि बिहार में जारी और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए करीब 243 लाख घन मीटर गाद की जरूरत है। बिहार में करीब 58,340 करोड़ रुपये की लागत से 1,561 किलोमीटर लंबाई वाली 39 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा, करीब 1,85,200 करोड़ रुपये के निवेश वाली 1,982 किलोमीटर लंबी 11 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में राष्ट्रीय राजधानी में हस्ताक्षर किए गए।

बयान के मुताबिक, गाद जमा होने से जलाशयों की जलधारण और जलप्रवाह क्षमता में आई कमी को दूर करना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए उपयुक्त मिट्टी एवं भराव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस पहल का उद्देश्य है। इससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि की मिट्टी पर निर्भरता भी कम होगी। गाद निकालने का काम संबंधित जलाशयों के विस्तृत तकनीकी आकलन के बाद वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इसके लिए बिहार की जल स्रोतों के पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति-2026 और अन्य पर्यावरणीय एवं वैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गाद निकालने से पारिस्थितिक संतुलन, नदी के तट, तटबंधों, पुलों और अन्य संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। गाद केवल स्वीकृत स्थानों से और निर्धारित तकनीकी सीमाओं के भीतर ही निकाली जा सकेगी। समझौते के तहत बिहार सरकार के सड़क निर्माण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। एक राज्यस्तरीय समन्वय समिति परियोजना प्रस्तावों, मंजूरी, क्रियान्वयन और अन्य मुद्दों की समीक्षा करेगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।