22 नवंबर को कहां मिलेगी पोलियो की खुराक?
अभियान के पहले दिन यानी 22 नवंबर को जिले के सभी प्रखंडों में 2,337 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर स्वास्थ्यकर्मी पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे।
इसके बाद 23 और 24 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को खुराक देंगी, जो पहले दिन बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पहले दिन ही अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर जाएं।
2,403 स्वास्थ्यकर्मियों की होगी तैनाती
इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी की है। सिविल सर्जन के अनुसार, जिले में कुल 2,403 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा सुपरवाइजर और मॉनिटरिंग टीमें भी अभियान पर नजर रखेंगी। उपायुक्त ने सभी कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने और लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है।
झुग्गी-बस्तियों और दुर्गम इलाकों पर विशेष नजर
प्रशासन का विशेष फोकस उन इलाकों पर रहेगा, जहां बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है।
- ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र
- शहरी झुग्गी-बस्तियां
- प्रवासी मजदूर परिवार
- विशेष समुदायों के बच्चे
आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पंचायतों के माध्यम से भी अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा, ताकि कोई बच्चा अभियान से छूट न जाए।
वैक्सीन की गुणवत्ता से लेकर कोल्ड चेन तक की तैयारी
बैठक में पोलियो वैक्सीन की सुरक्षित आपूर्ति और गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि वैक्सीन को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखा जाए।
इसके लिए कोल्ड चेन व्यवस्था दुरुस्त रखने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) से सब-डिपो होते हुए सभी पोलियो बूथों तक समय पर वैक्सीन पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को क्या दिया निर्देश?
मंगलवार को समाहरणालय सभागार में हुई जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने की।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने, ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स (BLTF) की बैठक करने और अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।


