रांची : झारखंड हाईकोर्ट परिसर में अब पार्किंग करना पहले जैसा आसान नहीं होगा। हाईकोर्ट की सुरक्षा और परिसर में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने पार्किंग के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत ब्लॉक नंबर 1 के इनर और आउटर पार्किंग एरिया में नई व्यवस्था लागू की गई है। फिलहाल इन नियमों को ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। एसोसिएशन की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में बताया गया है कि इस व्यवस्था का मकसद पार्किंग की उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करना और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग पर रोक लगाना है। साथ ही, हाईकोर्ट परिसर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने और सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। यह नोटिस एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार की ओर से जारी किया गया है।

जानिए हाईकोर्ट में पार्किंग के नए नियम
नई व्यवस्था के तहत ब्लॉक नंबर 1 के इनर पार्किंग एरिया में अब केवल अधिवक्ताओं और हाईकोर्ट के कर्मचारियों को ही वाहन खड़ा करने की अनुमति होगी। आम आगंतुकों को अपने वाहन निर्धारित आउटर पार्किंग एरिया में ही पार्क करने होंगे। खास बात यह है कि कोर्ट के कामकाजी समय के दौरान आगंतुकों को इनर पार्किंग में वाहन लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, दोपहिया वाहन से आने वाले अधिवक्ताओं और हाईकोर्ट कर्मचारियों को अपने वाहन इनर पार्किंग परिसर में तय किए गए दोपहिया पार्किंग स्थल पर ही खड़े करने होंगे। उन्हें चारपहिया वाहनों के लिए निर्धारित जगह या किसी अन्य अनधिकृत स्थान पर बाइक और स्कूटर पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह, चारपहिया वाहन से आने वाले अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को भी अपने वाहन केवल इनर पार्किंग में निर्धारित चारपहिया पार्किंग स्थल पर ही लगाने होंगे। चारपहिया वाहनों को दोपहिया पार्किंग की जगह या किसी अन्य अनधिकृत स्थान पर खड़ा करने पर रोक रहेगी।

एसोसिएशन ने सदस्यों से मांगा सहयोग
झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से नई पार्किंग व्यवस्था का पालन करने और इसे सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस पहल की सफलता सदस्यों के सक्रिय सहयोग पर निर्भर करेगी। फिलहाल यह व्यवस्था प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई है। इसके लागू होने के बाद इसकी कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता की समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एसोसिएशन इसमें बदलाव या संशोधन भी कर सकता है। तब तक सभी अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आगंतुकों को निर्धारित पार्किंग नियमों का पालन करना होगा।


