Dhanteras 2026: देशभर में शुक्रवार को धनतेरस मनाया जाएगा। बता दें, दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन घरों और दुकानों में मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोना-चांदी, झाड़ू, नए बर्तन और धनिया के बीज खरीदना काफी शुभ माना जाता है। पर क्या आप जानते है, धनतेरस पर सोने-चांदी के साथ झाड़ू क्यों खरीदा जाता है।

धनतेरस पर क्यों खरीदा जाता है झाड़ू
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं की माने तो, झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास होता है। कहते हैं कि, साफ और स्वच्छ घर में ही मां लक्ष्मी आती है। ऐसे में झाड़ू घर की गंदगी को बाहर करती है, झाड़ू घर से कचरे के साथ-साथ नकारात्मक उर्जा और दरिद्रता को बाहर करती है। इसलिए इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। और धनतेरस पर नई झाड़ू घर लाने से सुख, शांति और समृद्धि की वृद्धि होती है।

घर में कौन सी दिशा में रखें झाड़ू?
बुजुर्गों का कहना है कि, झाड़ू को हमेशा बाहरी लोगों के नजर से बचा कर घर के एक कोने में छिपाकर रखना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसे खुले में या मुख्य दरवाजे के सामने रखने से बाहर वालों की नजर आसानी से पड़ सकती है, जिसे मां लक्ष्मी का अनादर माना जाता है। झाड़ू रखने के सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम की होती है। इसे कभी भी घर के मंदिर/रसोई के पास ना रखें।


