हार की बौखलाहट में लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं सुकांत मजूमदार: राकेश सिन्हा

SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राकेश सिन्हा ने सुकांत मजूमदार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

Archana Ekka
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रांची: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार के SIR को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेता जब भी झारखंड आते हैं, तो विकास, रोजगार, महंगाई और जनता के सवालों पर जवाब देने के बजाय झूठ, भ्रम और कांग्रेस विरोध की राजनीति करके वापस लौट जाते हैं। ऐसा लगता है कि भाजपा नेताओं के लिए झारखंड अब राजनीतिक झूठ फैलाने का प्रयोगशाला बन गया है।

राकेश सिन्हा ने कहा कि डॉ. सुकांत मजूमदार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है, तो फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देने से भाजपा क्यों बच रही है? लोकतंत्र में चुनाव आयोग से सवाल पूछना लोकतंत्र को बदनाम करना नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना है। संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनीतिक दल की निजी जागीर नहीं हैं कि उनकी हर कार्रवाई पर सवाल उठाना अपराध मान लिया जाए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार इस बात को उठा रही है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों, नामों के संदिग्ध विलोपन और SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए। भाजपा को इन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए, न कि फिल्मी संवाद और चुनावी हार का आंकड़ा गिनाकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि डॉ. मजूमदार कांग्रेस की 56 चुनावी हार का हिसाब तो दे रहे हैं, लेकिन देश की जनता भाजपा से महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का हिसाब मांग रही है। चुनाव जीतना या हारना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन मतदाता का वोट सुरक्षित है या नहीं, यह लोकतंत्र के अस्तित्व का सवाल है।

भाजपा को समझना चाहिए कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं, बल्कि हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा की गारंटी भी है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को चुनाव हारने का डर नहीं है, लेकिन भाजपा को जनता के सवालों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग से इतना डर क्यों लगता है? यदि सब कुछ सही है तो पारदर्शिता से जांच कराइए, विपक्ष के सवालों का जवाब दीजिए और मतदाताओं की शंकाओं का समाधान कीजिए। विपक्ष की आवाज को बदनाम करके लोकतंत्र की कमजोरियों को छिपाया नहीं जा सकता।

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय मंत्री झारखंड आकर कांग्रेस को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने के बजाय अपनी पार्टी को लोकतांत्रिक मर्यादा और जवाबदेही का पाठ पढ़ाएं। झारखंड की जनता राजनीतिक जुमलों से नहीं, काम और जवाबदेही से संतुष्ट होती है। भाजपा जितना कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाएगी, उतना ही जनता के सामने यह सवाल मजबूत होगा कि आखिर SIR को लेकर उठ रहे सवालों से भाजपा इतनी असहज क्यों है?

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।