छपरा-सीवान-गोपालगंज को शराब मुक्त बनाना लक्ष्य: मनु महाराज

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सारण: जानदार मूछें और सिंघम स्टाइल में एक्शन के लिए पहचाने जाने वाले बिहार के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी मनु महाराज फिलहाल सारण रेंज के डीआईजी हैं।

उनका अगला लक्ष्य छपरा-सिवान और गोपालगंज को शराब से पूरी तरह से मुक्त करना है।

उन्होंने कहा कि इन तीनों जिलों में शराब तस्करी, इसके गैरकानूनी उत्पादन और सेवन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है।

अपने कड़क तेवर की वजह से ‘सुपर कॉप’ के रूप में बहुचर्चित आईपीएस मनु महाराज ने यह भी कहा कि इन तीनों जिलों में अपराध पर भी लगाम बहुत हद तक लगी है और आने वाले वक्त में विभिन्न सामाजिक तबके के साथ तालमेल कर इस पर पूरी तरह से रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

थानों का औचक निरीक्षण, लापरवाह अधिकारियों पर फौरी कार्रवाई और ईमानदार पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर उत्साहवर्धन करने के लिए वह अमूमन सुर्खियों में रहते हैं।

बिहार प्रशासन में उनकी क्या अहमियत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां अपराध बढ़ता है वहां मनु महाराज को भेजा जाता है ताकि उस पर लगाम लगे।

अलग अंदाज के लिए मशहूर मनु महाराज दफ्तर में नियमित तौर पर जनता दरबार भी लगाते हैं।

अब ग्रामीण क्षेत्रों में शराब विक्रेताओं के खिलाफ अभियान चलाएगा प्रशासन

शहरी क्षेत्रों से इतर इन तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर शराब बिक्री और अवैध उत्पादन को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी की घोषणा की थी।

उस समय जिस तरह बड़े पैमाने पर शराब का गैरकानूनी उत्पादन, तस्करी और सेवन होता था, उसके मुकाबले बहुत कम हो गया है।

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात जैसे दूसरे राज्यों से जो शराब माफिया छपरा-सीवान-गोपालगंज के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में तस्करी करते थे। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है और इस पर लगभग पूरी तरह से रोक लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सामुदायिक संगठनों की मदद से इस पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए प्रशासन अलग से अभियान चलाएगा।

मनु महाराज ने कहा कि शराबबंदी से सबसे अधिक खुशी उन महिलाओं को हैं, जिनके परिवार नशे की वजह से बिखर गए थे या बिखर जाने के कगार पर थे।

शराब तस्करी पर लगाम के लिए मांगी आम लोगों से मदद

छपरा-सिवान और गोपालगंज में मनु महाराज की तैनाती के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में चुस्ती तो दिखती है पर जमीनी तौर पर अपराध की रोकथाम के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।

इस बारे में उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए समाज को आगे आना होगा।

पुलिस हर तरह से मदद करने और कार्रवाई के लिए तैयार है, बशर्ते उन्हें समाज के विभिन्न तबके से अपराधियों की शिनाख्त, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और आपराधिक वारदात पर लगाम लगाने में मदद मिलनी चाहिए।

मनु महाराज ने कहा कि आम लोग जहां कहीं भी गैरकानूनी कृत्य देखते हैं, उन्हें तुरंत पुलिस को इस संबंध में सूचना देनी चाहिए। जिला प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए भी जिला पुलिस लगातार इसके लिए अभियान चला रही है, जो आगे भी जारी रहेगा। अपराध पर नियंत्रण के बारे में मनु महाराज ने मीडिया से भी सहयोग की अपील की।

उन्होंने कहा कि संगठित अपराध को खत्म करने के लिए समाज के विभिन्न तबके को जागरूक होना जरूरी है और इस में मीडिया की भूमिका बड़ी हो सकती है।

पुलिस प्रशासन और लोकतंत्र की बेहतरी चाहने वाले समाज के विभिन्न तबके के बीच बेहतर तालमेल बने तो समाज में शांति बहाली से लेकर हर तरह के अपराध पर नियंत्रण लगाना आसान है।

थाने में घूसखोरी पर भी सख्ती, व्हाट्स ऐप के जरिए एफआईआर

ग्रामीण इलाकों में विभिन्न थाने से शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लोगों से रुपये की वसूली या घूस आदि लेने की शिकायतें मिलती रहती हैं।

इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संवैधानिक नियमों के मुताबिक किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराने में कोई रुपये नहीं लगते हैं।

इसके अलावा जिला प्रशासन ने इस संबंध में शानदार पहल करते हुए प्राथमिकी के लिए व्हाट्स ऐप नंबर भी जारी किया है।

अगर किसी को शिकायत करनी है तो व्हाट्स ऐप पर भी अपनी शिकायत भेज सकता है, जिसकी जांच के बाद प्राथमिकी में तब्दील कर दिया जाएगा।

इसके अलावा थाने में शिकायत करने गए लोगों से घूस लेने के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। थाने में प्राथमिकी या लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी तरह की देने की जरूरत नहीं है।

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