
रांची/पटना: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक साजिश मामले में फरार परीक्षा माफियाओं की तलाश में रांची पुलिस ने पटना में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को पुलिस टीम ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई। पुलिस ने पटना के बुद्धा कॉलोनी स्थित बाबा लॉज, बोरिंग रोड के एक अपार्टमेंट और मालसलामी इलाके में दबिश दी। देर रात तक कई ठिकानों पर छापेमारी चलती रही। इस दौरान बाबा लॉज में मौजूद कुछ युवकों से पूछताछ की गई, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। पुलिस को सूचना मिली थी कि मालसलामी निवासी अभिषेक उर्फ छोटू पटना में छिपा हुआ है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया है कि अभिषेक का ठिकाना बाबा लॉज ही था।
नर्सिंग कॉलेज में भी हुई थी बड़ी चूक
11 अप्रैल की रात तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में छापेमारी के दौरान अभिषेक छोटू और उसका सहयोगी सोनू मौके पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पुलिस की भनक लगते ही अभिषेक ने शोर मचा दिया, जिसके बाद कई माफिया वहां से भाग निकले। उस कार्रवाई में पुलिस ने 7 परीक्षा माफियाओं और 159 अभ्यर्थियों को पकड़ा था, जहां उन्हें प्रश्नपत्र और उत्तर रटवाए जा रहे थे।
अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड जेल में
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड जहानाबाद का अतुल वत्स बताया जा रहा है, जो फिलहाल रांची जेल में बंद है। अभिषेक उसका करीबी सहयोगी है, जबकि सोनू उसका ड्राइवर बताया गया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए अतुल ने पटना सिटी के चुनचुन यादव से संपर्क किया था। आगे यह प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए विकास नाम के व्यक्ति ने भेजा था। चुनचुन यादव को रांची पुलिस पहले ही पटना से गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि विकास अभी फरार है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
इस मामले में पटना सिटी के अभिषेक सिन्हा, गया के गौरव, जहानाबाद के सोनू और मनीष, नवादा के कृष्णा और दानापुर के फिरोज समेत कई लोगों पर पुलिस की नजर है। इनमें से कुछ आरोपी घटना के दिन रांची में भी मौजूद थे। हालांकि जांच में बरामद प्रश्नपत्र का मिलान असली प्रश्नपत्र से नहीं हो पाया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
पटना पुलिस भी करेगी बड़ी कार्रवाई
अतुल वत्स के खिलाफ पटना के बुद्धा कॉलोनी, दानापुर और एसके पुरी थानों में पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस पिछले 6 साल से उसकी तलाश कर रही थी। अब पटना पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में है। रांची पुलिस ने उसका पूरा आपराधिक रिकॉर्ड पटना पुलिस को सौंप दिया है। रांची पुलिस की टीमें फिलहाल पटना में ही डटी हुई हैं। लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।

