
जम्मू-कश्मीर (उधमपुर): उधमपुर जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। रामनगर से उधमपुर जा रही यात्रियों से भरी एक बस खगोते इलाके के पास अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, हादसा पहाड़ी और संकरी सड़क वाले इलाके में हुआ, जहां मोड़ पर बस चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस तेज रफ्तार में थी और खतरनाक मोड़ पर संभल नहीं पाई। बस कई बार पलटते हुए गहरी खाई में गिर गई, जिससे यात्रियों को बचने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, घायलों का इलाज जारी
सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को बस से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को एयरलिफ्ट कर जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। प्रशासन ने अस्पतालों में इमरजेंसी व्यवस्था लागू कर दी है। उधमपुर रेंज के डीआईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।
नेताओं ने जताया दुख
इस दर्दनाक हादसे पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गहरा शोक जताया है और कहा कि वे लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इसे बेहद दुखद घटना बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पहाड़ी रास्तों पर फिर उठे सवाल
उधमपुर-रामनगर मार्ग पर इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों हैं। पहाड़ी इलाका होने के कारण सड़कें संकरी और खतरनाक मोड़ों वाली हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में स्पीड कंट्रोल, बेहतर साइन बोर्ड और सख्त वाहन जांच बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

